जयस की शर्त: कांग्रेस 33 साल कब्जे वाली कुक्षी सीट दे तो ही गठबंधन
शैलेंद्र चौहान, भोपाल. मालवा-निमाड़ के गढ़ को फतह करने के लिए जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) से गठबंधन की कोशिश में जुटी कांग्रेस धर्मसंकट में फंस गई है। जयस ने कांग्रेस से 33 साल से कब्जे वाली परंपरागत कुक्षी सीट मांग ली है। जयस ने दो टूक कह दिया है कि कुक्षी सीट नहीं दोगे तो किसी सूरत में समझौता नहीं होगा।
अब पार्टी में संकट यह खड़ा हो गया कि इस सीट पर दिग्विजय सिंह समर्थक सुरेंद्र सिंह बघेल विधायक है। बघेल को पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ने का इशारा मिल चुका है। दिल्ली में मंगलवार को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया और जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा के बीच 40 मिनट बैठक हुई। बैठक के दौरान राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा और डॉ. आनंद राय मौजूद रहे। अलावा ने जयस की शर्तों को सामने रख दिया। बावरिया ने कहा कि सभी बिन्दु स्क्रीनिंग कमेटी में रखे जाएंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात होना तय थी। राहुल की सहमति और मुलाकात के लिए अलावा को फिलहाल दिल्ली में रोका गया है।
कौन है हीरालाल अलावा : मालवा-निमाड़ में आदिवासियों के बीच तगड़ी पैठ बना चुके जयस के राष्ट्रीय सरंक्षक डॉ. हीरालाल अलावा हैं। एम्स से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद से नौकरी छोड़ने के बाद अलावा ने 5 साल पहले संगठन बनाया था। अब तक 5 लाख सदस्य जुड़ चुके हैं।
कितनी ताकतवर कुक्षी : मालवा-निमाड़ की राजनीति का बड़ा केंद्र कुक्षी सीट है। आदिवासी बाहुल्य वाली अजजा सीट पर 1985 के बाद से हमेशा कांग्रेस का कब्जा रहा है। सीट से लगातार छह बार जमुनादेवी ने जीत दर्ज की थी। वे उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बनीं। जमुनादेवी के 24 सितंबर 2010 को निधन के बाद सीट खाली हुई थी। 5 महीने बाद उपचुनाव(फरवरी 2011) में भाजपा के मुकाम सिंह किराड़े जीते थे। केवल दो साल बाद वर्ष 2013 के चुनाव में कराड़े बुरी तरह हार गए। कांग्रेस का फिर कब्जा हो गया।
जयस ने मालवा-निमाड़ में 46 सीट मांगी
मालवा-निमाड़ में 46 सीटों पर टिकट की दावेदारी जताई है।
कांग्रेस के सहमत नहीं होने पर बी-गेम में 16 सीट पर दावा जताया है।
ये सीट कुक्षी, मनावर, धरमपुरी, झाबुआ, थांदला, पेटलावद, रतलाम ग्रामीण, पंधाना, नेपानगर, भीकनगांव, सेंधवा, राजपुर, जोबट, पानसेमल, भगवानपुरा, अालीराजपुर हंै।
कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होने पर 46 सीटों पर जयस उम्मीदवार मैदान में होंगे।
जयस ने गठबंधन के बाद सरकार में भागीदारी होने की शर्त भी साथ में रखी है।
दिल्ली में मंगलवार को कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया से बैठक हुई है। हमने 46 सीट लड़ने के लिए मांगी है। कुक्षी हमारी राजनीतिक राजधानी है। अगर ये सीट हमें नहीं मिली तो कोई गठबंधन नहीं होगा। राहुल गांधी से मुलाकात होना अभी बाकी है। - डॉ. हीरालाल अलावा, सरंक्षक, जयस
अब पार्टी में संकट यह खड़ा हो गया कि इस सीट पर दिग्विजय सिंह समर्थक सुरेंद्र सिंह बघेल विधायक है। बघेल को पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ने का इशारा मिल चुका है। दिल्ली में मंगलवार को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया और जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा के बीच 40 मिनट बैठक हुई। बैठक के दौरान राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा और डॉ. आनंद राय मौजूद रहे। अलावा ने जयस की शर्तों को सामने रख दिया। बावरिया ने कहा कि सभी बिन्दु स्क्रीनिंग कमेटी में रखे जाएंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात होना तय थी। राहुल की सहमति और मुलाकात के लिए अलावा को फिलहाल दिल्ली में रोका गया है।
कौन है हीरालाल अलावा : मालवा-निमाड़ में आदिवासियों के बीच तगड़ी पैठ बना चुके जयस के राष्ट्रीय सरंक्षक डॉ. हीरालाल अलावा हैं। एम्स से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद से नौकरी छोड़ने के बाद अलावा ने 5 साल पहले संगठन बनाया था। अब तक 5 लाख सदस्य जुड़ चुके हैं।
कितनी ताकतवर कुक्षी : मालवा-निमाड़ की राजनीति का बड़ा केंद्र कुक्षी सीट है। आदिवासी बाहुल्य वाली अजजा सीट पर 1985 के बाद से हमेशा कांग्रेस का कब्जा रहा है। सीट से लगातार छह बार जमुनादेवी ने जीत दर्ज की थी। वे उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बनीं। जमुनादेवी के 24 सितंबर 2010 को निधन के बाद सीट खाली हुई थी। 5 महीने बाद उपचुनाव(फरवरी 2011) में भाजपा के मुकाम सिंह किराड़े जीते थे। केवल दो साल बाद वर्ष 2013 के चुनाव में कराड़े बुरी तरह हार गए। कांग्रेस का फिर कब्जा हो गया।
जयस ने मालवा-निमाड़ में 46 सीट मांगी
मालवा-निमाड़ में 46 सीटों पर टिकट की दावेदारी जताई है।
कांग्रेस के सहमत नहीं होने पर बी-गेम में 16 सीट पर दावा जताया है।
ये सीट कुक्षी, मनावर, धरमपुरी, झाबुआ, थांदला, पेटलावद, रतलाम ग्रामीण, पंधाना, नेपानगर, भीकनगांव, सेंधवा, राजपुर, जोबट, पानसेमल, भगवानपुरा, अालीराजपुर हंै।
कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होने पर 46 सीटों पर जयस उम्मीदवार मैदान में होंगे।
जयस ने गठबंधन के बाद सरकार में भागीदारी होने की शर्त भी साथ में रखी है।
दिल्ली में मंगलवार को कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया से बैठक हुई है। हमने 46 सीट लड़ने के लिए मांगी है। कुक्षी हमारी राजनीतिक राजधानी है। अगर ये सीट हमें नहीं मिली तो कोई गठबंधन नहीं होगा। राहुल गांधी से मुलाकात होना अभी बाकी है। - डॉ. हीरालाल अलावा, सरंक्षक, जयस
Comments
Post a Comment