खुफिया एजेंसियों को निजी कम्प्यूटरों की जांच के अधिकार मिले, जेटली ने कहा
केंद्र सरकार ने 10 प्रमुख सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को किसी भी व्यक्ति या संस्था के कम्प्यूटरों में मौजूद डेटा की जांच करने का अधिकार दे दिया है। देश की सुरक्षा के लिए इसे महत्वपूर्ण बताया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, प्रमुख एजेंसियां किसी भी व्यक्ति के कम्प्यूटर से जेनरेट, ट्रांसमिट या रिसीव हुए और उसमें स्टोर किए गए किसी भी दस्तावेज को देख सकेंगी। यह अधिकार आईटी एक्ट की धारा-69 के तहत दिया गया है। कांग्रेस ने इस पर कहा कि अबकी बार मोदी सरकार ने निजता पर वार किया है। हालांकि, जेटली ने कहा- जिन नियमों के आधार पर हमने यह कदम उठाया है, वह 2009 में यूपीए सरकार के वक्त बने थे। विपक्ष पहले पूरी जानकारी हासिल कर ले- जेटली जेटली ने कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के विरोध पर कहा - अच्छा होता कि विपक्ष कोई मुद्दा उठाने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लेता। 20 दिसंबर 2018 को वही आदेश दोहराया गया है, जो 2009 से अस्तित्व में है। जहां मिट्टी का ढेर तक नहीं होता, वहां आप लोग पहाड़ बनाने लगते हैं। जब विपक्ष का कोई वरिष्ठ नेता कुछ कहता है तो उसके शब्दों की बड़...